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राकेश झुनझुनवाला : अग्रवाल से कैसे बने झुनझुनवाला, आइए जानते हैं इसके पीछे की कहानी

राकेश झुनझुनवाला : अग्रवाल से कैसे बने झुनझुनवाला, आइए जानते हैं इसके पीछे की कहानी

राकेश झुनझुनवाला देश के दिग्गज निवेशक तथा शेयर व्यापारी थे। झुनझुनवाला को शेयर मार्केट का बेताज बादशाह माना जाता था। 14 अगस्त , 2022 यानी कि आज सुबह राकेश झुनझुनवाला का निधन हो गया। इनकी उम्र करीब 62 वर्ष हो गई थी। राकेश झुनझुनवाला के नाम में लगने वाले सरनेम झुनझुनवाला के पीछे भी एक कहानी है तथा इसकी शुरुआत राजस्थान के झुंझुनूं जिले से हुई है। आइए जानते हैं कि राकेश ने अपने नाम के साथ झुनझुनवाला सरनेम क्यों और कैसे लगाया ?

असल में राकेश झुनझुनवाला का असली सरनेम अग्रवाल था। उनके दादा तथा परदादा झुंझुनूं जिले से 30 किमी की दूरी पर मलसीसर नामक गांव के निवासी थे। उनके दादा ने 100 साल पहले अपने पूरे परिवार के साथ मलसीसर गांव छोड़ दिया तथा पूरे परिवार के साथ कानपुर जाकर वहीं बस गए। यहां पर उन्होंने सिल्वर के कारोबार की शुरुआत की तथा कारोबारी के रूप में खूब प्रसिद्ध हुए । वहीं दूसरी ओर राकेश झुनझुनवाला के पिता राधेश्याम का चयन इनकम टैक्स विभाग में अफसर के पद पर ही गया और वो फिर मुंबई आ गए और यहीं रहने लगे।

चुंकि झुंझुनूं छोड़ देने के बाद भी राकेश के दादा तथा उनके पिता का प्रेम इसके प्रति कम नहीं हुआ। उनके दादा तथा पिता का झुंझुनूं आना-जाना लगा रहा। इसी दौरान राकेश के पिता राधेश्याम अपने नाम में झुनझुनवाला सरनेम लगाने लगे और वह राधेश्याम झुनझुनवाला कहलाने लगे। इसके बाद से ही झुनझुनवाला सरनेम को राकेश भी अपने नाम में लगाने लगे तथा वह अग्रवाल की जगह अपना सरनेम झुनझुनवाला लिखने लगे ।

Written by Rishabh Patel

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