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प्रयागराज बमबाजी : पढ़ाई करने की उम्र में कर रहे बमबाजी,बना रहे गैंग 

प्रयागराज बमबाजी : पढ़ाई करने की उम्र में कर रहे बमबाजी,बना रहे गैंग 

जिस उम्र में छात्रों को पढ़ाई करनी चाहिए उस उम्र में वो बमबाजी कर रहे हैं। आज कल लड़ाई,खूनी खेल से भरी हुई वेबसीरीज तथा फिल्में देखकर किशोर इन सबसे प्रेरित हो रहे हैं। ऐसे में इन किशोरों के आधा दर्जन से अधिक गैंग बन गए हैं। यह स्थिति बन चुकी है कि बीते पिछले एक महीने में 24 किशोरों को गिरफ्तार करके बाल सुधार गृह भेजा गया है।

लगभग 4 महीने पहले सिविल लाइंस में एक स्कूल के बाहर बमबाजी की पहली घटना घटित हुई थी। इसमें आरोपियों ने पहले इंटरमीडिएट के एक छात्र मारा पीटा था। जब परिजनों ने रिपोर्ट लिखाई तब जांच में पता चला कि हमलावर 11वीं का छात्र है। इस छात्र ने पुलिस के द्वारा पूछताछ करने पर बताया कि वह और उसके साथी पहले भी स्कूल गैंगवार के चक्कर में बमबाजी कर चुके हैं। जिसके लिए कभी विश्वविद्यालय परिसर और कॉलेज बदनाम थे आज वही इसके लिए नामी स्कूल बदनाम हो रहे हैं।

सिर्फ नाम के लिए बनाए ग्रुप, काम कर रहे गैंग के रूप में

अभी हाल ही में बीते 4 जुलाई ,2022 को दारागंज में जन्मदिन पार्टी मना रहे छात्रों के ऊपर बमबाजी करने वाले एक नामी स्कूल में 11वीं तथा 12वीं के छात्र निकले। पुलिस सूत्रों के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार , उन छात्रों से जब  पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि यह घटना ‘तांडव’ तथा ‘रामदल’ नामक दो छात्र-गैंग के बीच में चल रही दुश्मनी के कारण हुई। इन स्कूली छात्रों ने बताया कि इसी तरह इस स्कूल में अन्य इममोरटल, लॉरेंस, सोलिटेयर, माया, बिच्छू जैसे और भी लगभग आधा दर्जन गैंग हैं। ये गैंग बमबाजी से लेकर फायरिंग तक करवा रहे हैं। ये छात्र गैंग न कहकर इनको ग्रुप कहते हैं।

अधिकतर आरोपी रसूखदार परिवारों से रखते हैं संबंध

सूत्रों के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सिविल लाइंस से लेकर जार्ज टाउन, तेलियरगंज, नैनी में स्थित स्कूलों के छात्रों के द्वारा कई ऐसे ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें से अधिकतर आरोपी छात्र रसूखदार परिवारों से संबंध रखते हैं। किसी के पिता व्यापारी हैं तो किसी के ऑफिसर हैं। 

‘भौकाल’ जमाने के लिए मरने-मारने को तैयार

इन स्कूली छात्रों का गैंग बनाने का मकसद भौकाल जमाना है। इसके लिए ये सभी एक दूसरे को मरने-मारने को भी तैयार रहते हैं। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन छात्रों ने बताया कि उन्होने बम बनाना यूट्यूब से सीखा है।

 

पुलिस ऑफिसर के अनुसार

इस तरह की घटना के बारे में आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह जी कहते हैं कि बीते पिछले एक महीने में 24 नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा जा चुका है। इसके संबंध में स्कूल प्रशासन और उनके अभिभावकों से भी बातचीत भी हो चुकी है। नाबालिगों को इस प्रकार की घटना पर पहली बार तो समझाकर या काउंसलिंग के द्वारा छात्रों को सुधरने का एक मौका प्रदान किया जाता है। इसके अलावा यदि नहीं मानते है  तो विधिक कार्रवाई की जाती है। 

इलाहाबाद विश्विद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आशीष सक्सेना जी के अनुसार इन किशोरों की इस तरह की घटनाओं में सम्मिलित होने का मु्ख्य कारण माता-पिता एवं स्कूली स्तर पर सही से निगरानी नहीं होना है। आज सभी के पास इंटरनेट उपलब्ध है। यहां पर  सभी सकारात्मक चीजों के साथ-साथ वॉयलेंट गेम्स, सीरियल, वेब सीरीज व मूवीज आदि भी मौजूद हैं। जिन्हें  देखकर किशोर इस तरह के काम करके बिगड़ रहे हैं।

हाल ही में इन स्कूली छात्रों के गैंग द्वारा की गई कुछ प्रमुख वारदातें

22 July – बीएचएस गेट पर की गई बमबाजी

15 July – मेडिकल चौराहे के पास की गई बमबाजी में इंटर के छात्र समेत दो लोग घायल

15 July – सिविल लाइंस में स्थित बुलेट रिपेयरिंग सेंटर पर की गई बमबाजी

4 July – बड़े हनुमान मंदिर के पास जन्मदिन मना रहे छात्रों के ऊपर पर बम द्वारा किया गया हमला

Written by Rishabh Patel

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