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तिग्मांशु धूलिया ने जब धूल खा रहा AU का थिएटर खुलवाया : AU कुलपति से कहा – अपने जीवन का पहला प्ले मैंने यहीं किया था

प्रयागराज, उत्तरप्रदेश की धरती पर जन्मे प्रसिद्ध लेखक, निर्देशक, निर्माता और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वर्षों से बंद पड़े उसथिएटर के कमरे को खुलवाया, जिसमें धूल की परतें जमी हुई थी।

गैंग्स ओफ़ वासेपुर में रामाधीर सिंह का किरदार में तिग्मांशु।

एयू की वाइस चांसलर प्रो. संगीता श्रीवास्तव बार-बार तिग्मांशु धूलिया तो मना करती रहीं कि उस थिएटर में मत जाएगा वह सालों से बंद है। वह नहींमाने। थिएटर का कमरा खुलवाया। उसकी चौखट पर मत्था टेका और कहा- आपको पता है? यह मेरे लिए बहुत ख़ास थिएटर है। यहां हमने अपने जीवनका पहला प्ले ‘If Shakespeare Was A Gun’ किया था।

तिग्मांशु धूलिया अंग्रेज़ी विभाग के आफ़िस में।

एयू वाइस चांसलर से कहा– इस थिएटर को फिर से मेनटेन करेंमैं भी हर संभव मदद करूंगा।

तिग्मांशू का जन्म 3 जुलाई 1967 को प्रयागराज में हुआ। उन्होने अपना कैरियर शेखर कपूर निर्देशित फिल्म बैंडिट क़्वीन से बतौर सहायक निर्देशक शुरू किया। पान सिंह तोमर, बुलेट राजा जैसी फिल्मों का निर्देशन और गैंग ऑफ वासेपुर जैसी कल्ट मूवी में बेहतरीन अभिनय कर चुके तिग्मांशु ने वाइसचांसलर प्रो. संगीता श्रीवास्तव से कहा कि कुलपति मैम हम आपसे एक प्रॉमिस चाहते हैं। आप इस थिएटर को फिर से दुरुस्त करवाएंगी। मैं भी हर संभवमदद करूंगा। इसपर वाइस चांसलर प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि जरूर इसे जल्द ही फिर से सही किया जाएगा।

अर्थशास्त्र डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. पीके घोष तिग्मांशु धूलिया के पुराने मित्रों में से एक हैं।

अपनी वेबसीरीज ‘गर्मी’ की शूटिंग लोकशन तलाश रहे हैं तिग्मांशु

गर्मी वेबसीरिज की शूटिंग लोकेशन तलाशने प्रयागराज पहुंचे तिग्मांशु ने अभी हाल ही में इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वलखनऊ विश्वविद्यालय का दौरा किया था। वह गर्मी वेबसीरीज की शूटिंग लोकेशन के लिए यूपी आए हैं। 3 दिन प्रयागराज में बिताने वाले तिग्मांशु ने कई लोकेशन पर शूटिंग का मन बना लिया है।

निर्देशक के रूप में तिग्मांशु ने अपनी पहली फ़िल्म 2003 में ‘हासिल’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय और प्रयागराज के कई लोकेशन पर की थी। इस फिल्म के लिये इरफ़ान खान को फिल्मफेयर निगेटिव रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कर मिला।

प्रयागराज में हासिल की शूटिंग की दौरान तिग्मांशु और इरफ़ान।

घरवाले नहीं चाहते थे कि वो थिएटर करें

तिग्मांशु धूलिया का परिवार प्रयागराज के अशोक नगर में रहा करता था पिता जी इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज थे। धूलिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी, अर्थ शास्त्र और आधुनिक इतिहास से सन 1986 में बीए किया है। इसी दौरान उनका जुड़ाव थिएटर से हो गया। यहीं वो कैंपस में थिएटर करनेलगे। उस वक्त उनके गुरु सुशील तिवारी थे। थिएटर वाले शौक की वजह से घर वाले उनसे नाराज रहते थे। इसके बावजूद भी वो अपनी जिद पर अड़ेरहे। 1986 में बीए कम्प्लीट होने के बाद उनका सेलेशन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) दिल्ली में हो गया। जहां से उन्होंने 1989 में डिग्री हासिलकी। इसके बाद तिग्मांशू ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Written by Anupam Jaiswal

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