in ,

प्रयागराज में एक ऐसा रिक्शा वाला ऐसा भी, दिन में मांगता है भीख और शाम को करता है ऐश

प्रयागराज में एक ऐसा रिक्शा वाला ऐसा भी, दिन में मांगता है भीख और शाम को करता है ऐश

यदि आप किसी भी व्यक्ति को सिर पर पट्टी बांधे और सिर के आस पास लगे सूखे खून के साथ रिक्शा चलाते हुए देखेंगे तो इस रिक्शे वाले कि मजबूरी देखकर आपका ह्रदय भी पसीज उठेगा। आप भी इस रिक्‍शावाले की मदद करने की सोचते हैं तथा 10-20 रुपये दे देते हैं। पूरे दिन भर इसी प्रकार से जो उसके पास आमदनी होती है उसी से वह शाम टाइम ऐश करता है आइये जानते हैं पूरी बात,

पेट की भूख तथा आर्थिक तंगी व्यक्ति को भीख मांगने पर भी मजबूर कर देती है। व्यक्ति के पास अपना जीवन यापन करने के लिए जब कोई साधन नहीं दिखाई देता तो भीख मांगना उसकी मजबूरी बन जाती है। ऐसा ही कुछ हमे देखने को मिला प्रयागराज में । यहां पर एक व्यक्ति ऐसा है, जिसने अपने जीवन यापन करने के लिए एक अजीब ही तरीके को अपनाया है। आप इस व्यक्ति को बहुत ही गंभीर रूप से घायल की अवस्था में एक टूटा-फूटा रिक्शा लेकर चलते हुए देखेंगे । वह ऐसी हालत बनाकर सड़कों पर रिक्शा लेके निकलता है कि जिससे कोई भी देखे तो उसका दिल पसीज उठे और उसकी मदद करने को उसके पास आ जाये । लेकिन जब आप इसी व्यक्ति शाम को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में किसी होटल वगेरा में  ऐश करते पाएँगे तो आप भी आश्चर्यचकित हो जांएगे, आपका माथा भी ठनक जाएगा। लगभग दो साल हो गया है और प्रयागराज शहर में ये रिक्शा वाला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस रिक्शे वाले के कई अलग-अलग रूप यहां के लोगों को भ्रम में डाले हैं।

व्यक्ति के लंबे कद,लंबी दाढ़ी, हाथ पर पट्टी बाँधे हुए तथा माथे के आस पास सूख चुके खून को देख कर किसी का भी दिल पसीज उठता है। इस रिक्शे वाले को आप बालसन चौराहा, मजार तिराहा, गवर्नमेंट प्रेस चौराहा, धोबीघाट चौराहा तथा महाराणा प्रताप चौराहा समेत प्रमुख चौराहों पर रिक्शा लिए पैदल ही चलते देखा जा रहा है। इसके इस रूप को देखकर लोगों को इस पर दया आ जाती है और लोग  10-20 रुपये की मदद कर देते हैं। इसी प्रकार पूरे दिन आमदनी करने के बाद चालाक रिक्शे वाले का दूसरा रूप शाम को तब दिखाई पड़ता है,जब वह घंटाघर पर उसी टूटे फूटे  रिक्शे के साथ बिल्कुल स्वस्थ अवस्था में बिरयानी की दुकान पर दिखाई देता है।

इस रिक्शेवाले के सबंध में वहां के स्थानीय लोगों के द्वारा दी गयी जानकारी

 प्रयागराज शहर में घंटाघर स्थित एक दुकान के मालिक उस्मान भाई कहते हैं कि यह व्यक्ति कौन है , कहाँ का रहने वाला है , कैसा है इसके बारे में कुछ भी जानकारी किसी को भी नहीं है। वह उनकी दुकान पर अक्सर शाम को आता है तब शरीर पर न ही कोई पट्टी दिखती न ही कोई खून के निशान । न ही उसकी चाल भी किसी बीमार व्यक्ति की तरह लगती । उस्मान बताते हैं कि रिक्शे वाला पूरी ठाठ से उनकी दुकान पर आता है और खाने-पीने की सामग्री खरीदता है। वह अन्य दुकानों पर नशे की चीजें भी खरीदता है और फिर उन्हें लेकर वापस चला जाता है। वहीं दूसरी और बालसन चौराहे पर स्थित मेडिकल स्टोर के संचालक मनोज गुप्ता बताते हैं कि इस रिक्शे वाले व्यक्ति को वह ऐसी ही घायल अवस्था में लगभाग डेढ़ सालो से ऐसे ही देख रहे हैं जैसा वह आज दिखाई देता है। 

वहाँ के लोगों में यह रिक्शा वाला चर्चा का विषय बना हुआ है।

Written by AU Beat Media

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Loading…

0

Work From home : घर बैठे कमाएँ 10 से 15,000 तक रुपये, 19 जुलाई तक करें इन कंपनियों में अप्लाई

नहीं देखी होगी आपने शादी में ऐसी शर्तें, महीने में सिर्फ एक बार खाना होगा पिज़्ज़ा और प्रत्येक दिन करनी होगी एक्सरसाइज़