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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के साथ संबंधित कॉलेजों में भी ऑनलाइन एडमिशन

इविवि की तर्ज पर इस बार संघटक महाविद्यालयों में भी प्रवेश की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। यानी अभ्यर्थी घर बैठे ऑनलाइन फीस जमा करेंगे और प्रवेश लेंगे। हालांकि, बाद में उन्हें कॉलेज में जाकर अपने मूल शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन कराना होगा, तभी उनका प्रवेश पूर्ण माना जाएगा। अगर अभिलेख सत्यापन के दौरान उनकी मार्कशीट या अन्य कोई प्रमाणपत्र फर्जी पाया जाता है तो प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।विज्ञापनहर साल प्रवेश के लिए इविवि के प्रवेश भवन में हजारों छात्रों की भीड़ जुटती है। इविवि में प्रवेश शुरू होने के बाद चार-पांच दिनों बाद संघटक महाविद्यालय प्रवेश के लिए पाठ्यक्रमवार कटऑफ जारी करते हैं और फिर कॉलेजों में भी प्रवेश के लिए हजारों अभ्यर्थी की भीड़ जुटती है। कोविड-19 के कारण इविवि प्रशासन ने इस बार ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन प्रवेश का निर्णय लिया है।

इविवि एवं संघटक महाविद्यालयों में स्नातक, परास्नातक, एलएलबी, बीएएलएलबी, एलएलएम, प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए परीक्षा कराई जा चुकी है और अभ्यर्थियों को अब रिजल्ट का इंतजार है। एक नवंबर से नया सत्र भी शुरू होना है। ऐसे में इविवि प्रशासन को 31 अक्तूबर तक प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर लेनी होगी।

यूजीएटी पाठ्यक्रम के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम के अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आइपीएस) का परिणाम 22 या 23 अक्टूबर को घोषित कर दिया जाएगा। इसके अलावा पीजीएटी और विधि का परिणाम अगले सप्ताह एक साथ जारी किया जाएगा।वहीं, अगले सप्ताह पीजीएटी प्रवेश परीक्षा का परिणाम भी जारी कर दिया जाएगा। पीजीएटी में सफल छात्रों को मेरिट के आधार पर विभाग से ही दाखिला मिलेगा। स्नातक में प्रवेश प्रक्रिया भी सबसे पहले शुरू होगी। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण अभ्यर्थियों को इस बार प्रवेश भवन नहीं आना होगा। अभ्यर्थी घर बैठे प्रवेश ले सकेंगे।

इविवि की तर्ज पर संघटक महाविद्यालयों में भी प्रवेश की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इविवि में प्रवेश शुरू होने के बाद संघटक कॉलेज अपने यहां प्रवेश के लिए कटऑफ जारी करेंगे। सीएमपी के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद शंकर सिंह और इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अतुल सिंह कहना है कि प्रवेश ऑनलाइन लिए जाएंगे, लेकिन शैक्षिक अभिलेखों के सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों को बाद में बुलाया जाएगा। अभ्यर्थियों को अलग-अलग कम संख्या में बुलाया जाएगा, ताकि भीड़ इकट्ठा न हो।

Written by AU Beat Media

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