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रक्षाबंधन की बधाई

3+1 Magical Words

मुझे क्लास के लिए देरी हो रही थी। मै जल्दी से ऑटो स्टैंड गया और ऑटो में बैठने वाला ही था कि तभी एक लड़की भागती हुई आई मुझसे टकराते हुए ऑटो वाले से बोली मुझे भी चलना है। मेरी क्लास छूट जाएगी देर हो गई है। ऑटो में शीट एक ही बची थी। मुझे भी देर ही हो रही थी। ऑटो वाले ने मना कर दिया मै उसके चेहरे को देखा वो इस कदर निराश थी जैसे उसकी यूपीएससी की परीक्षा छूट रही हो। मै उसको बोला तुम्ही बैठ जाओ मुझको देर नहीं हो रही है। इतना सुनकर उसका चेहरा खिल उठा और वो Thank You बोलकर झट से बैठ गई।

थोड़ी देर बाद मै दूसरी ऑटो लेकर क्लास पहुंचा। क्लास खत्म किया और अपने बैग समेट रहा था तभी पीछे से एक हाथ मेरे कंधे पर पड़ा और एक आवाज आई क्या हीरो तुम यहां क्या कर रहे हो? मै पलट कर देखा, वो वही लड़की थी। मै बोला कुछ नही मै तो जिम करने आया था हा हा हा..

वैसे तुम यहां क्या कर रही हो?

वो भी शरारती अंदाज में बोली जैसे बदला ले रही हो मजाक का, कुछ नही यार बस Lunch करने आई थी हा हा हा…. मतलब क्लास है तो पढ़ने ही आऊंगी ना।

उसकी आंखो में चंचलता थी, अदा शरारती थी चेहरे पर बेफिकरात सी मुस्कान थी। मै उसको कुछ ही पलो में पढ़ लिया। मेरे खयालातो से मिलती जुलती जो थी।

वो बोली चलो चाय पिलाते है तुमको? मैने बोला ” जा जा इतना Frank ना बन मेरे को पीना होगा खुद पी लेगा मेरे पास पैसे बहुत है अमीर हूं मै।”  वो गुस्से में देखने लगी पहली बार मुझे किसी बेगाने में अपना पन दिखा। मै थोड़ा सोचा कहीं ज्यादा तो नहीं बोल दिया। फिर मै उसको बोला अच्छा चल चल पीते है। चाय पीते वक्त उसकी बक बक ने हजारों सवाल पूछ डाले जिसमे कहां से हो? क्या नाम है? जैसे प्रश्न थे। किसी तरह मै उस दिन उससे जान बचा के निकला।

अगले दिन वो खुद ही पास में आकर बैठ गई। उसके बाद से धीर-धीरे हम अच्छे दोस्त बन गए। वो क्लास के बीच में शरारत और मुझे तंग करने का एक भी मौका नहीं छोड़ती है। हरकते थोड़ी बचकानी तो है पर उसके अंदर सच्चाई है। जो भी हो मुह पर बोलती है, वो चाहे तारीफ हो या बुराई।

मेरे लिए बिस्कुट और पानी लाना उसकी आदत बन गई है। जाने अंजाने में मेरा वो खयाल रखने लगी है। मुझ पर इतना बिस्वास है कि कहीं भी साथ चलने को तैयार हो जाती है। और कोई भी मजाक या बात बेफिक्र होकर कर जाती है। मुझे भी उसकी शरारत और नटखटपन की आदत पड़ चुकी है। उसका खयाल रखना एक जिम्मेदारी सा लगने लगा है।मेरी बातो को बड़े गौर से सुनती है, डांटने पर चुप हो जाती है। मेरे टेंशन में होने पर हसाने का प्रयास करती है।

मै बहुत दिनों से उससे कुछ बोलने की सोच रहा हूं। इस रिश्ते को एक नाम देने की सोच रहा हूं। जो दोस्ती, प्रेम, और फैमिली जैसा है उसको एक मंजिल देना चाहता हूं। आज सोच लिया हूं कि उसको वो बात बोल ही दूंगा।

वो पास बैठी है,

सुनो ?

मुझे तुमसे कुछ कहना है?

हां बोलो?

यार मै बहुत दिनों से कुछ बोलने की सोच रहा हूं, बोलना चाहता हूं पर बोल नहीं पा रहा हूं।

वो मुस्कुराई और बोली ‘ ठीक है बोलो पर हमको वो मैजिकल वर्ड्स बोलना जो सुनके मुझे अच्छा लगे और तुम जानते हो मैं क्या सुनना चाहती हूं?

मै उसके पास गया उसके बालो में हाथ फेरते हुए मैंने वो 3+1 Magical Words बोला ” I love You Sister “

वो सुनते ही मुस्कुरा उठी और खुशी से उछलने लगी। इस कदर खुश थी जैसे उसको जन्नत मिली हो जिसकी वो अकेले की मालकिन हो। वो मुझसे बोली चलो आज चाय मै पिलाती हूं पर पैसे फिर तुम्ही दोगे भाई !

✍ गगन यादव

Written by AU Beat Media

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