in

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने फूंका यूजीसी का पुतला, सात पर FIR

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने कोरोना महामारी के काल में प्रदर्शन और पुतला फूंककर विरोध जाहिर किया तो उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। बिना परीक्षा के प्रमोशन की मांग कर रहे इन छात्रों ने सोमवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस ने सात लोगों को नामजद, 12 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि विजय कान्त, अजीत यादव समेत करीब एक दर्जन लोग सोमवार दोपहर इविवि छात्रसंघ भवन पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

उनके इस विरोध प्रदर्शन की कीमत छात्रों को नामजद और सामूहिक FIR के तौर पर चुकानी पड़ी है। इन सभी पर महामारी एक्ट और धारा 144 के उल्लंघन के तहत FIR दर्ज की गई है।

छात्रों ने कहा कि जब पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तब देश और प्रदेश में परीक्षा कराके छात्र-छात्राओं की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रदर्शन कर नेतृत्व करते हुए विजयकांत यादव विपिन ने कहा कि अगर परीक्षा के दौरान किसी भी छात्र को कोरोना संक्रमण होता है तो इसके लिए प्रदेश एवं केंद्र की सरकारी जिम्मेदारी होगी। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर बिना परीक्षा के प्रमोट नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन होगा। प्रदर्शन में अवनीश यादव, रोहित यादव, शिवबली यादव, अजय सम्राट, सलमान, अनीश यादव, शुभम कुमार, हार्दिक आदि मौजूद रहे।

इविवि परास्नातक के छात्र की मांग, छात्रों का पहले बीमा कराया जाए:

इविवि के अर्थशास्त्र विभाग के परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्र अभिषेक कुमार सिंह ने मांग की है कि सभी छात्रों को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाए और छात्रों का कोविड-19 स्वास्थ्य बीमा कराया जाए, जिसकी कवरेज कम से कम आठ लाख रुपये हो। अभिषेक ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर यह मांग की है। अभिषेक का कहना है कि इविवि में प्रवेश के वक्त प्रत्येक छात्र से 40 रुपये बीमा शुल्क भी लिया जाता है।

Written by AU Beat Media

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Loading…

0

मंगल पांडे ने दलित साथी की पुकार पर छेड़ी थी आजादी की जंग, मौत के बाद भी डरते रहे अंग्रेज

इविवि में महामना की 9 फीट ऊंची प्रतिमा का हुआ अनावरण