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प्रयागराज की सड़कों पर ऐसा क्‍या हुआ, खुद को अमिताभ बच्‍चन समझने लगे मोहम्‍मद कैफ

मोहम्‍मद कैफ (Mohammad Kaif )  का नाम आते ही, जो सबसे पहली याद भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को आती है, वो है लॉर्डस का मैदान. जहां सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद लोगो को लगा कि नेटवेस्‍ट सीरीज का फाइनल टीम इंडिया अब हार गई, मगर 2002 में उन दिन चमत्‍कार हुआ और ये चमत्‍कार कैफ ने किया।आज यानी 13 जुलाई को इस मुकाबले को 18 साल हो गए हैं।

नेटवेस्ट सीरीज फाइनल – 13 जुलाई 2002

इंडियन एक्‍सप्रेस में लिखे अपने आर्टिकल में मोहम्‍मद कैफ ने कहा कि सचिन के आउट होने के बाद हर किसी को लग रहा था कि मैच खत्‍म हो गया है। इलाहाबाद में रह रहे कैफ के परिवार को भी यही लगा था. इसीलिए उनके पिता भी परिवार के साथ देवदास फिल्‍म देखने के लिए चले गए।

स्‍लेजिंग कर नासिर ने तोड़ने की कोशिश की:

मोहम्‍मद कैफ ने उस पल को याद करते हुए कहा कि जब वह बल्‍लेबाजी करने आए तो नासिर हुसैन ने स्‍लेज किया और उन्‍हें यह समझने में समय लगा। दरअसल नासिर ने कैफ को बस ड्राइवर कहा था। जिसके बाद कैफ ने कहा कि यह बस ड्राइवर के लिए बुरा नहीं है। कैफ ने कहा कि टीम को 326 रन का बड़ा लक्ष्‍य हासिल करना था और बल्‍लेबाजी पर आने से पहले हमारा मूड सही नहीं था। युवराज और मैं यूथ टीम में ही साथ थे और हम दोनों एक दूसरे को बेहतर समझते थे। युवी अपने शॉट्स खेल रहे थे और मैंने भी रन निकालने शुरू किए। मैच धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा। एक समय टीम को 72 गेंदों पर 91 रन की जरूरत थी। उस समय ड्रेसिंग रूप से गांगुली ने इशारा किया कि मुझे सिंगल लेना चाहिए और स्‍ट्राइक युवराज को देनी चाहिए।

युवराज को गुस्‍से में कहा:

कैफ ने कहा कि गांगुली ने बतौर कप्‍तान गाइड किया, मगर मुझे खुद का भी नाम बनाना था दुनिया को दिखाना था कि मैं कौन हूं। इसके बाद एलेक्‍स गेंदबाजी कर रहे थे और उस गेंद को स्‍टैंड के पहुंचाने के बाद मैंने थोड़े गुस्‍से में युवराज को कहा कि भाई हम भी खेलने आए हैं। तभी युवी का विकेट गिर गया। मैं हैरान रह गया और अब निचले क्रम के बल्‍लेबाजों के साथ बल्‍लेबाजी करनी थी, मगर उनके साथ कोई अनुभव नहीं था। उसके बाद मैंने हरभजन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। मगर इसके बाद विकेट गिरते गए। उसके बाद आशीष नेहरा के साथ पारी को आगे बढ़ाया और उस ओवर थ्रो पर पैनिक रन लेकर टीम को जीत दिलाना ऐतिहासिल पल बन गया।

मोहम्मद कैफ, नेटवेस्ट सीरीज

अमिताभ बच्‍चन की तरह खुली जीप में आए:

कैफ ने कहा कि इलाहाबाद वापस आने पर मैं जश्‍न के माहौल को संभाल नहीं पा रहा था, क्‍योंकि मैं थोड़ा शर्मिला था। लोग हमारे घर पर आ रहे थे। मम्‍मी सभी को चाय, स्‍नैक्‍स दे रही थी। मीडिया की नजर भी थी। वे हर जगह फॉलो कर रहे थे। जब मैं इलाहाबाद वापस आया तो मुझे खुली जीप में लेकर आया गया। करीब पांच से छह किलोमीटर के रास्‍ते को करीब 4 घंटे में तय किया गया। लोग सड़कों पर लाइन से खड़े थे। नारेबाजी हो रही थी। जब मैं बच्‍चा था तो मैंने देखा था कि यहां पर चुनाव जीतने के बाद अमिताभ बच्‍चन भी खुली जीप में थे। उस दिन मुझे भी अमिताभ बच्‍चन की तरह महसूस हुआ।

Written by AU Beat Media

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