in ,

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का हॉस्टल खाली करने का फ़रमान जारी

कोरोना के तेजी से संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रावासों को तत्काल प्रभाव से खाली कराने का निर्णय लिया है। कोरोना के तेजी फैलाव को देखते हुए विवि ने यह निर्णय लिया है कि कही छात्रों के बीच संक्रमण फैला तो उसे रोकना मुश्किल होगा। इस बात को ध्यान में रखकर बुधवार को कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में छात्रावास खाली कराने का निर्णय लिया गया। विवि प्रशासन ने निर्णय लिया है कि छात्रावास खाली नहीं करने वालों को बलपूर्वक बाहर कर दिया जाएगा। छात्रावास खाली कराने के विवि के निर्णय के बाद छात्रों का विरोध शुरू हो गया है। छात्रों का कहना है कि कोविड-19 के तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के बीच आखिर में छात्र-छात्राएं कहां जाएंगे।

AU Hostel Wash Notice

लॉकडाउन हटने के बाद वापिस छात्रवास आ गए बड़ी संख्या में छात्र:

डीएसडबल्यू प्रो. केपी सिंह ने बताया कि इविवि के दो हॉस्टलों में लॉकडाउन के बाद से अब तब छात्रों की संख्या दोगुना हो गई है। जीए झा हॉस्टल में लॉकडाउन के दौरान 20 छात्र रहते थे। अब वहां छात्रों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। इसी प्रकार अमर नाथ झा हॉस्टल 35 से बढ़कर 87 हो गई है। इससे हॉस्टल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है। इसलिए हॉस्टल खाली कराने के लिए कहा गया है। प्रो. सिंह ने कहा कि यदि छात्र तत्काल हॉस्टल नहीं खाली करेंगे तो प्रशासन की मदद से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। प्रो. सिंह ने यह भी बताया कि इविवि के चार हॉस्टल पीसीबी, शताब्दी ब्यायज, महादेवी और प्रिदर्शनी गल्र्स में आज भी छात्रों की संख्या शून्य है। इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय एवं डीएलडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह का कहना है कि कोविड-19 के तेजी से फेलाव को देखते हुए विवि ने छात्रावास खाली कराने का फैसला लिया है। छात्रावास के अधीक्षकों के माध्यम से नोटिस देकर बता दिया गया कि तत्काल कमरा खाली कर बाहर निकल जाएं। इसमें जो छात्र छात्रावास खाली नहीं करेगा, उसे बलपूर्वक बाहर किया जाएगा।

सोशल मिडिया पर छात्रावास खाली कराने के निर्णय का विरोध:

Ex Vice President AUSU Tweet

इविवि के छात्रावास खाली कराने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के निवर्तमान छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक नोटिस जारी किया कि इविवि प्रशासन, कुलपति, प्रोफेसर आदि भी तत्काल प्रभाव से अपने आवास खली कर दें वरना छात्र व छात्रसंघ आपका आवास खाली कराएगा। शोध छात्रा नेहा यादव ने कहा यह तानाशाही फरमान है। नेहा का कहना है कि इस वक्त विश्व कोरोना महामारी से लड़ रहा है, देश में इतनी गंभीर परिस्थितियां हैं उस समय भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावास खाली करने का निर्णय हजारों छात्र- छात्राओं की जान जोखिम में डालना हैं। नेहा ने विवि प्रशासन से अपना निर्णय वापस लेने की मांग की है।

Written by AU Beat Media

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Loading…

0

इविवि में 17 अगस्त से अंतिम वर्ष की परीक्षा की तैयारी, प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्र होंगे प्रमोट

इलाहाबाद विवि छात्रावास खाली करने के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय का किया घेराव