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इलाहाबाद विवि छात्रावास खाली करने के विरोध में छात्रों ने कुलपति कार्यालय का किया घेराव

जैसे ही इलाहाबाद विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रावासो को खाली कराए जाने की खबर छात्रों में फैली छात्रों ने सोशल मीडिया पर रात में ही फैसले के विरोध में कैंपेन चलाना शुरु कर दिया, सुबह तड़के इविवि छात्रसंघ की ओर से छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रोफेसर आवास खाली कराने का नोटिस जारी कर दिया।

छात्रों को इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की ओर से 11:00 बजे का कुलपति कार्यालय घेरने का आह्वान था, 11:00 बजते ही छात्रों की भीड़ छात्रसंघ भवन पर एकत्रित होने लगी, देखते ही देखते भीड़ ने जुलूस का रूप धारण कर लिया, सभी छात्र सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करते हुए कुलपति कार्यालय की तरफ बढ़े, बीच में रोकने के लिए पुलिस बल भी आई पर छात्रों के बुलंद हौसलों व नारो के आगे टिक नहीं पाई।

कुलपति कार्यालय पर गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने के लिए छात्र बैठ गए व जोर-जोर से कुलपति नीचे आओ के नारे लगाने लगे तकरीबन ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद चीफ प्रॉक्टर आरके उपाध्याय पुलिस प्रशासन समेत कर्नलगंज के सीओ व इंस्पेक्टर को साथ लेकर छात्रों से वार्ता करने आए, प्रथम दृष्टया छात्रों व प्रशासन के बीच वार्ता विफल रही, प्रॉक्टर छात्रावास खाली कराने पर अड़े रहे वहीं छात्रों का कहना था कि इस महामारी में जहां संक्रमण इतनी तेजी से फैल रहा है, ऐसी दशा में घर भेजना कहां तक न्यायोचित होगा, इस बाबत छात्रों द्वारा छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में धरना स्थल पर अपना मांग पत्र भी कुलानुशासक को दिया गया, जिस पर कुलानुशासक ने रात तक निर्णय लेने की बात कही।

आंदोलन करने में उपस्थित छात्रनेता अतेंद्र सिंह व कुंवर साहब सिंह ने कहा कि हमे घर भेजने से पहले सभी छात्रों की कोरोना जांच हो, निजी परिवहन की व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन करें,तभी हम बाहर जाएंगे, हमारी जान को जोखिम में डालना किसी के अधिकार में नहीं है।

छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस तानाशाही पूर्ण फैसले को जल्द से जल्द वापस लिया जाए अन्यथा परिणाम जो भी हो लड़ाई आर-पार की होगी। छात्र नेता अजय सम्राट वह विजयकांत ने संयुक्त बयान में कहा कि यह पूर्ण रूप से छात्र विरोधी फैसला है छात्रों की प्रतियोगी परीक्षाएं सामने है कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है ऐसे दौर में छात्रावास खाली करवाना द्वेषपूर्ण फैसला है।

खुद खाली नही किया तो बलपूर्वक खाली कराया जायेगा हास्टल:

डीएसडबल्यू प्रो. केपी सिंह ने बताया कि इविवि के दो हॉस्टलों में लॉकडाउन के बाद से अब तब छात्रों की संख्या दोगुना हो गई है। जीए झा हॉस्टल में लॉकडाउन के दौरान 20 छात्र रहते थे। अब वहां छात्रों की संख्या बढ़कर 35 हो गई है। इसी प्रकार अमर नाथ झा हॉस्टल 35 से बढ़कर 87 हो गई है। इससे हॉस्टल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन संभव नहीं है। इसलिए हॉस्टल खाली कराने के लिए कहा गया है। प्रो. सिंह ने कहा कि यदि छात्र तत्काल हॉस्टल नहीं खाली करेंगे तो प्रशासन की मदद से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। प्रो. सिंह ने यह भी बताया कि इविवि के चार हॉस्टल पीसीबी, शताब्दी ब्यायज, महादेवी और प्रिदर्शनी गल्र्स में आज भी छात्रों की संख्या शून्य है। इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय एवं डीएलडब्ल्यू प्रो. केपी सिंह का कहना है कि कोविड-19 के तेजी से फेलाव को देखते हुए विवि ने छात्रावास खाली कराने का फैसला लिया है। छात्रावास के अधीक्षकों के माध्यम से नोटिस देकर बता दिया गया कि तत्काल कमरा खाली कर बाहर निकल जाएं। इसमें जो छात्र छात्रावास खाली नहीं करेगा, उसे बलपूर्वक बाहर किया जाएगा।

Written by AU Beat Media

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