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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर गंभीर आरोप लगे हैं

इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (इविवि) के पूर्व कुलपति प्रोफेसर रतन लाल हांगलू की मुश्किलें अब बढऩे वाली हैं। प्रो. हांगलू पर लगे वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितता के आरोपों की रिपोर्ट जल्द ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) तक पहुंच जाएगी। इविवि प्रशासन ने जांच कमेटी को 40 बिंदुओं पर 17 पेज की रिपोर्ट भेजी है।

राष्‍ट्रपति के निर्देश पर जांच कमेटी में ये शामिल रहे:

31 दिसंबर 2019 की देर रात प्रो. हांगलू के इस्तीफे के बाद आरोपों की जांच के लिए इविवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के निर्देश पर तीन जनवरी 2020 को जांच कमेटी गठित की गई थी। कमेटी में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव के अलावा गुजरात केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. रमाशंकर दुबे और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी को शामिल किया गया था।

जांच कमेटी इविवि पहुंची तो मिली थी तमाम शिकायतें:

तीन बार इलाहाबाद विश्वविद्यालय पहुंची कमेटी को प्रो. हांगलू के खिलाफ तमाम शिकायतें मिलीं। पूर्व शिक्षकों के एक समूह ने 700 पेज की 40 फाइलें कमेटी के सामने रखी तो एक बार कमेटी भी हैरान हो गई। तमाम छात्रों ने भी शिकायतें दर्ज कराईं।

बोले, इविवि के जनसंपर्क अधिकारी:

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि कमेटी रिपोर्ट का अध्ययन करेगी। यदि जवाब से संतुष्ट रहती है तो रिपोर्ट तैयार कर मंत्रालय को भेज देगी। यदि कोई संदेह होगा तो फिर कमेटी आएगी। इससे यह तस्वीर भी साफ हो गई कि जल्द ही प्रो. हांगलू की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Written by AU Beat Media

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