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एशिया का सबसे पुराना इविवि छात्रसंघ

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्रसंघ एशिया का सबसे पुराना छात्रसंघ है। इसकी स्थापना 1921 में हुई थी। पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह 1949 में इस छात्र संघ के उपाध्यक्ष रहे। वही देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू विवि के छात्र नही रहे। लेकिन विवि के छात्रसंघ ने पंडित नेहरु और नेता जी सुभाषचंद्र बोस को मानद सदस्य का सम्मान से सम्मानित किया था। यही नही इविवि ने देश को राष्ट्रपति और दो उपराष्ट्रपति भी दिए है।

ब्रिटिश शासन काल मे भंग हुआ था छात्रसंघ:

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का छात्रसंघ ब्रितानिया सरकार में भी बैन किया गया था। पहली बार 1942 में ब्रितानिया सरकार को छात्रसंघ भंग करना पड़ा था। दरअसल उस समय देश में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई और अंग्रेजों ने बड़े नेताओं को तत्काल गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया। ऐसे में आंदोलन को धार देने के लिये इलाहाबाद में छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने ही कंमान संभाली और अंग्रेजों की चूलें हिला दीं। छात्रशक्ति देखकर अंग्रेजों को एहसास हो गया कि ऐसे में उनका तो इलाहाबाद से शासन ही खत्म हो जायेगा। कई दिनों तक लगातार हजारों छात्रों के सड़क पर उतर कर विरोध करने और जबर्दस्त संघर्ष किए जाने के कारण ब्रिटिश शासकों ने यूनियन को भंग कर दिया था। विवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्याम कृष्ण पांडेय बताते हैं कि तत्कालीन दिग्गज छात्र नेता नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में छात्रसंघ बहाली के लिये आंदोलन शुरू हुआ और आंदोलन के आगे ब्रिटिश हुकूमत को झुकना पड़ा। कुछ समय बाद छात्रसंघ यूनियन को बहाल कर दिया गया।

शिक्षक भी होते थे छात्रसंघ के सदस्य:

इविवि के छात्र संघ को देश की राजनीति की नर्सरी कहा जाता है। एक समय था जब यहीं से देश की राजनीति की दशा और दिशा तय होती थी। लेकिन ब्रिटिश हुकूमत में 1942 में छात्रसंघ भंग कर दिया गया था। 1945 में एक बार फिर अस्तित्व में आया। तब यहां सदस्यता वैकल्पिक कर दी गई । जिसके बाद कई शिक्षकों ने छात्रसंघ की सदस्यता ली। उसके बाद 2006 में भंग हुआ छात्र संघ 2012 में पुनः अस्तित्व में आया और अब तक सुनहरा इतिहास जारी है।

जब लाल पद्मधर को मारी दी गोली:

1942 में गांधी जी ने करो या मरो का नारा दिया। उनके इस आंदोलन में इविवि के युवाओं ने भी हिस्सा लिया। शहीद लाल पद‌्मधर की अगुवाई में जिला कचहरी में तिरंगा फहराने पहुंचे छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई। तभी पुलिस ने गोलियां चलायी और लाल पद‌्मधर की मौत हो गई। छात्र शव लेकर विवि पहुंचे तो पुलिस ने पीछा किया। उस वक्त तत्कालीन कुलपति अमर नाथ झा ने छात्रों का साथ दिया। उन्होंने पुलिस को परिसर में जाने से रोक दिया। लाल पद्मधर रीवा राजघराने से थे। आज इविवि के छात्रसंघ भवन को लाल पद्मधर भवन के नाम से जाना जाता है। उनके ही नाम से शपथ लिया जाता है।

इविवि करता है गर्व:

  • शंकरदयाल शर्मा पूर्व राष्ट्रपति
  • गोपाल स्वरूप पाठक पूर्व उपराष्ट्रपति
  • मदन मोहन मालवीय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष
  • राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन पूर्व सांसद व स्वतंत्रता सेनानी
  • पंडित गोविंद वल्लभ पंत पूर्व सीएम यूपी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री
  • डॉ राजेन्द्र सिंह उर्फ रज्जू भैया पूर्व संघ प्रमुख
  • वीपी सिंह देश के 8वें प्रधानमंत्री
  • चंद्रशेखर 9वें प्रधानमंत्री बने
  • गुलजारी लाल नंदा पूर्व कार्यवाहक प्रधानमन्त्री
  • डॉ राजेन्द्र कुमारी बाजपेयी पूर्व उपराज्यपाल पुडुचेरी
  • नारायण दत्त तिवारी पूर्व मुख्यमंत्री यूपी और उत्तराखंड
  • अर्जुन सिंह पूर्व मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
  • सत्येन्द्र नारायण सिन्हा पूर्व मुख्यमंत्री बिहार
  • हेमवती नंदन बहुगुणा पूर्व मुख्यमंत्री यूपी
  • सूर्य बहादुर थापा पूर्व प्रधानमंत्री नेपाल
  • डॉ मुरली मनोहर जोशी पूर्व केन्द्रीय मंत्री
  • जनेश्वर मिश्र पूर्व केन्द्रीय मंत्री
  • डॉ रीता बहुगुणा जोशी (सांसद प्रयागराज)
  • मदन लाल खुराना पूर्व मुख्यमंत्री दिल्ली

Written by AU Beat Media

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