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प्रयागराज संगम : यह शहर दोनों हाथ जोड़ कर आपका धन्यवाद करता है

अकबर का इलाहाबाद कहूँ या ऋषियों का प्रयागराज या दो नदियों के तट पर बसा प्रयाग या गंगा यमुना अदृश्य सरस्वती का संगम । जो भी कहना हो कह लीजिए पर आप ये नहीं बोल सकतें कि यहाँ विशेष किसी धर्म का प्रभाव है। हर शहर की अपनी एक खूबी होती है,कोई भोले की काशी है तो कोई राम की अयोध्या पर जैसा कुंभ मे यह शहर हो जाता है,शायद ही और भी जगह जहाँ कुंभ लगता हो वहाँ भी ऐसा ही हो। कुंभ में पाँच मुख्य स्नानों में से एक मोैनी-अमावस्या के दिन इस शहर में खूब रौनक होती है। इस दिन के दो दिन पहले से ही श्रद्धालुओं की टोलियां शहर में आने लगती हैं ।

 

कौन किस राज्य से आया है यह बताना उतना ही मुश्किल हो जाता है जितना संगम में नदियों के मिल जाने के बाद उनकी दो धारा को पहचानना । मोनी अमावस्या के एक दिन पहले ही भण्डारे के पंडाल बंध जाते है और खास बात यह है कि शहर में आप बता नहीं पायेंगे कि कुल कितने भण्डारे होंगे । रात में ही हलवाई लगा दिये जाते हैं और भोर होते ही अलग-अलग प्रकार के भण्डारों का श्रीगणेश कर दिया जाता है । यह किसी विशेष वर्ग या धर्म का भण्डारा नहीं होता यहां जो जितना सामर्थ्यवान है उतना करता है । कोई पूड़ी सब्जी दे रहा तो कोई हलवा,कुछ तो बच्चों को चुर्री,बिस्किट और अलग-अलग तरह के नमकीन दे रहें, कहीं चाय है तो कहीं बस पानी ही दिया जा रहा । पर श्रद्धा में किसी के पास कोई कमी नहीं है। सब के दिल में बस एक ही बात है कि कोई श्रद्धालु भूखा प्यासा न रह जाये । न भण्डारा करने वाले संकोच करते हैं और न ही खाने वाले । कौन कितनी बार ले रहा इसकी भी कोई पाबन्दी नहीं है और मजे की बात यह है कि यहाँ पढ़ रहे छात्रों का तो शायद ही उस दिन चूल्हा जलता हो ।

शहर पूरी तरह से पैदल श्राद्धलुओं का हो जाता है और कोशिश करता है कि जो जैसा सोच कर आया था उसके लिए वैसा हो । कुछ श्रद्धालु ज्यादा पैदल चलने से रूठ जाते हैं तो कुछ भीड़ से परेशान हो जाते हैं और प्रशासन से थोड़े नाराज भी होते है। पर आखिर प्रशासन भी क्या कर सकता है,इतनी भीड़ में श्रद्धालुओं को सुरक्षित वापस जो भेजना रहता है । फिर भी यह शहर दोनों हाथ जोड़ कर आपका धन्यवाद करता है और श्रद्धालुओं की परेशानी के लिए क्षोभ भी प्रकट करता है । साथ ही साथ आपके फिर से आने की कामना करता है ताकि आप आ कर के इसकी रौनक फिर से बनायें ।

: Utkarsh Dubey

Written by AU Beat Media

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