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इलाहाबाद क्या है?

हर युवा के स्वप्नों का पंख?
या उसके हिस्से की वास्तविक उड़ान?

या एक तपस्थली?
जहाँ तप करके वह तपस्वी कहलाता है,
या जलकर राख हो जाता है?

हर माँ बाप के उम्मीदों का ठिकाना है?
या नौजवानों का यहाँ ठहर जाना ?

हर भटकाव की भवधारा है?
या भटकते हुए का अंतिम किनारा है?

हर हार के बाद की एक थकान है,
या जीतने वाले की मुस्कुराती ज़ुबान है?

हर छोटे कमरों में एक नया जमाना है?
या खाक होकर कहीं गुम हो जाना है?

ये शहर जवानी की क़ब्रगाह है?
या तमाम सफलताओं का जीता जागता गवाह है?

इलाहाबाद है जीवन्त शहर का दस्तावेज…
जिसके हर पन्ने पर ज़िन्दगी के तमाम क़सीदे गढ़े हैं।

शिवम चौहान

Written by AU Beat Media

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